लोग कायदे से रहें तो कानून की जरूरत ही न पड़े, लेकिन यह उम्मीद करना कि कानून ही सबकुछ कर देगा, बहुत बड़ी भूल होगी।
Wednesday, August 24, 2011
Thursday, August 4, 2011
असुरक्षित नोएडा-दूसरी किस्त
ईसीएम क्या होता है : सेक्टर-२४ थाने में ऑनलाइन एफआईआर मौखिक रूप से स्वीकार तो कर ली गई, लेकिन चोरी के सिलसिले में पुलिस विभाग की कोई पहल सामने नहीं आई। पत्रकार साहब ने ऑनलाइन एफआईआर की बात को कुछ लोगों से शेयर भी कर लिया था। कार्रवाई होती न देख वह अजीब सा महसूस कर रहे थे। कुछ स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि ऑनलाइन एफआईआर पर कार्रवाई न होने से किसकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है-ऑनलाइन व्यवस्था की, पुलिस विभाग की, सरकार के दावों की अथवा स्वयं पत्रकार महोदय की। भाई कोई अपनी प्रतिष्ठा की परवाह करे या न करे, पत्रकार साहब को तो करनी ही थी। बस उन्होंने थैली से मोबाइल फोन कुछ इस अंदाज में निकाला, जैसे महाभारत काल में महारथी म्यान से अपनी तलवार निकाल लेते थे। कई बार प्रयास किया तो एक बार सौ नंबर पर लग ही गई काल। हैलो-नोएडा पुलिस।
सर---हमारी कार का ईसीएम चोरी हो गया है।
पुलिस-ईसीएम क्या होता है।
---अरे साहब पिछले दस वर्षों से ईसीएम चोरी हो रहा है। आज कल तो ऑडियो सिस्टम का दाम कम हो जाने से ईसीएम ही चोरी हो रहा है। जब आप ईसीएम को जानते-पहचानते नहीं, तो उसे बरामद कैसे कर पाएंगे।
इसी बीच पीछे से दूसरा पुलिसवाला फुसफुसाया----ईसीएम से कार का इंजन नियंत्रित होता है। महंगी मशीन होती है। पंद्रह से बीस हजार में नई आती है।
जारी रहेगी दास्तां---करें अगली किस्त का इंतजार--------
सर---हमारी कार का ईसीएम चोरी हो गया है।
पुलिस-ईसीएम क्या होता है।
---अरे साहब पिछले दस वर्षों से ईसीएम चोरी हो रहा है। आज कल तो ऑडियो सिस्टम का दाम कम हो जाने से ईसीएम ही चोरी हो रहा है। जब आप ईसीएम को जानते-पहचानते नहीं, तो उसे बरामद कैसे कर पाएंगे।
इसी बीच पीछे से दूसरा पुलिसवाला फुसफुसाया----ईसीएम से कार का इंजन नियंत्रित होता है। महंगी मशीन होती है। पंद्रह से बीस हजार में नई आती है।
जारी रहेगी दास्तां---करें अगली किस्त का इंतजार--------
Saturday, July 30, 2011
असुरक्षित नॉएडा-पहली किस्त
नॉएडा का मतलब नो आइडिया। इस हाई टेक शहर में आइडिया कितना भी जोरदार हो, वह लागू नहीं हो पाता। यही वजह है कि यहाँ अच्छी खासी तकनीक का बैंड बज रहा है, और यही बताने के लिए एक सच्ची कहानी सुना रहा हूँ ।28 जुलाई को सेक्टर 12 के बी ब्लाक में एक मारुती वैन से उसका इसिएम-इंजिन कंट्रोल मोड्यूल- चोरी हो गया। वह भी सुरक्षा गार्ड के होते हुए। अब उसके मालिक ठहरे पत्रकार। समय उनके पास था नहीं कि थाने में एफ आई आर दर्ज कराने जा पायें। सोचा तकनीक का सहारा लेते हैं । फिर क्या था, उन्होंने झट गूगल पर सर्च मारा और नॉएडा पुलिस की वेब साईट खुल गई। जब एफ आई आर का आप्सन दिखा तो राहत की सांस ली। उन्होंने आन लाइन शिकायत दर्ज करा दी। उसकी पुष्टि भी मेल से उन्हें मिल गई। जब सेक्टर 24 थाने में अगले दिन कार्रवाई के बारे में पता करने गए तो वहां पूछा गया कि आन लाइन कौन सी चिड़िया होती है। जब मेल का प्रिंट दिया तो उसे आँख फाड़ कर देखा जाने लगा। पुलिस वालों ने कहा, अरे ----एफ आई आर दर्ज हो गया और हमें पता भी नहीं चला। कथा जारी रहेगी ------बाकी अगली किस्त में --------
Thursday, July 21, 2011
Friday, June 24, 2011
बेच दो बेच दो
बेच दो बेच दो -------इन्सान बेच दो ------ भगवान बेच दो------गली मोहल्ला नहीं ----- पूरा हिंदुस्तान बेच दो -------भाव गिर रहा है -------ईमान बेच दो ----
Wednesday, October 20, 2010
बारूद से ज्यादा
Tuesday, October 12, 2010
तुम्ह समान नहि कोऊ

तुम्ह समान नहि कोऊ, मां दुर्गे तुम्ह समान नहिं कोऊ.....
ज्ञानिन्ह कर चित खींचत बल से
सींचत हो मन मोह के बल से
सुमिरन करत हरहु भय सारा
चिन्तन करत करहु उपकारा
हर लेती दारिद, भय दोउ, तुम्ह समान नहि कोऊ.....
नारायणि मंगलमय रानी
सब मंगल तुम्ह करहु भवानी
सिद्ध करहु तुम्ह सब पुरुषारथ
शरणागत वत्सल परमारथ
नहि सहाय तुम्ह बिनु अब कोउ, तुम्ह समान नहि कोऊ.....
शरणागत, पीड़ित की रक्षा
सबहि भान्ति तुम्ह करहु सुरक्षा
हरती पीड़ा त्रिनेत्र गौरी
सुनि पुकार आवहु तुम्ह दौरी
तुम्हहि प्रणाम करत सब कोऊ, तुम्ह समान नहि कोऊ....
सर्वेश्वरि मां सर्वस्वरूपा
दुर्गे देवि मां दिव्य स्वरूपा
रक्षा कर हे शक्ति स्वरूपा
दे दो मां निज भक्ति अनूपा
पुरुष, प्रकृति तुम्ह दोऊ, तुम्ह समान नहि कोऊ......
हो प्रसन्न सब रोग नसाए
कुपित भए सब काम नसाए
तुम्हरी शरण शरणदाता भए
सब बाधा हर शत्रु नसाए
आवत नहि विपत्ति तब कोऊ, तुम्ह समान नहि कोऊ.....
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